IBPS PO मेन्स परीक्षा भारत की सबसे प्रतिस्पर्धी बैंकिंग परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों उम्मीदवार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) पद प्राप्त करने के उद्देश्य से इस परीक्षा में शामिल होते हैं। परीक्षा संपन्न होने के बाद उम्मीदवारों द्वारा सबसे अधिक खोजा जाने वाला विषय होता है — IBPS PO मेन्स परीक्षा अपेक्षित कट ऑफ।
अपेक्षित कट ऑफ को समझना उम्मीदवारों को अपने प्रदर्शन का आकलन करने, चयन की संभावना जानने और इंटरव्यू राउंड के लिए रणनीति बनाने में मदद करता है। इस लेख में हम IBPS PO मेन्स अपेक्षित कट ऑफ का विस्तृत, डेटा-आधारित और सरल विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसमें पिछले वर्षों के कट ऑफ ट्रेंड्स, श्रेणीवार अनुमान और कट ऑफ को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक शामिल हैं।
IBPS PO मेन्स कट ऑफ क्या होता है?
IBPS PO मेन्स कट ऑफ वह न्यूनतम अंक होता है, जिसे प्राप्त करना उम्मीदवार के लिए इंटरव्यू चरण में प्रवेश पाने हेतु अनिवार्य होता है। यह कट ऑफ इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) द्वारा मेन्स परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जारी किया जाता है।
कट ऑफ अलग-अलग आधारों पर निर्धारित किया जाता है:
- प्रत्येक श्रेणी (जनरल, OBC, SC, ST, EWS)
- कुल अंक (Overall Score)
- सेक्शनल प्रदर्शन (यदि लागू हो)
IBPS PO मेन्स परीक्षा अपेक्षित कट ऑफ (2026)
परीक्षा के कठिनाई स्तर, रिक्तियों की संख्या और पिछले वर्षों के आंकड़ों के आधार पर IBPS PO मेन्स परीक्षा का अपेक्षित कट ऑफ नीचे दिया गया है।
अपेक्षित श्रेणीवार कट ऑफ (225 में से)
| श्रेणी | अपेक्षित कट ऑफ |
| जनरल | 95 – 102 |
| OBC | 90 – 97 |
| EWS | 88 – 95 |
| SC | 78 – 85 |
| ST | 70 – 76 |
नोट: ये आंकड़े अनुमानित हैं। आधिकारिक कट ऑफ में थोड़ा अंतर हो सकता है।
IBPS PO मेन्स पिछले वर्षों के कट ऑफ ट्रेंड्स
पिछले वर्षों के कट ऑफ का विश्लेषण करने से यह स्पष्ट होता है कि हर साल स्कोर में किस प्रकार का बदलाव आता है।
IBPS PO मेन्स कट ऑफ (पिछले वर्ष)
| वर्ष | जनरल | OBC | SC | ST | EWS |
| 2025 | 98.25 | 94.75 | 84.50 | 75.75 | 92.25 |
| 2024 | 97.50 | 93.25 | 83.00 | 74.00 | 91.00 |
| 2023 | 95.75 | 91.50 | 81.25 | 72.25 | 89.50 |
मुख्य निष्कर्ष:
कट ऑफ लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई है, जो बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उम्मीदवारों के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है।
IBPS PO मेन्स परीक्षा कट ऑफ को प्रभावित करने वाले कारक
हर वर्ष अंतिम कट ऑफ कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करता है:
1. रिक्तियों की संख्या
यदि रिक्तियों की संख्या अधिक होती है, तो कट ऑफ कम हो सकता है, जबकि कम रिक्तियों के कारण कट ऑफ बढ़ जाता है।
2. परीक्षा का कठिनाई स्तर
- आसान प्रश्नपत्र – उच्च कट ऑफ
- मध्यम से कठिन प्रश्नपत्र – कम कट ऑफ
3. परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों की संख्या
अधिक संख्या में गंभीर उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होते हैं, तो प्रतिस्पर्धा और कट ऑफ दोनों बढ़ जाते हैं।
4. नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया
IBPS विभिन्न शिफ्ट्स के बीच निष्पक्षता बनाए रखने के लिए स्कोर नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाता है, जिससे अंतिम स्कोर में थोड़ा अंतर आ सकता है।
5. उम्मीदवारों का कुल प्रदर्शन
यदि अधिकांश उम्मीदवार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो कट ऑफ अपने आप बढ़ जाता है।
IBPS PO मेन्स सेक्शन-वाइज कठिनाई विश्लेषण
सेक्शन-वाइज कठिनाई स्तर को समझने से कट ऑफ का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है।
रीजनिंग और कंप्यूटर एप्टीट्यूड
- कठिनाई स्तर: मध्यम से कठिन
- प्रमुख टॉपिक्स: पजल्स, सीटिंग अरेंजमेंट, डेटा सफिशिएंसी
डेटा एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन
- कठिनाई स्तर: मध्यम
- प्रमुख टॉपिक्स: केसलेट, DI सेट्स, प्रॉबेबिलिटी
इंग्लिश लैंग्वेज
- कठिनाई स्तर: आसान से मध्यम
- प्रमुख टॉपिक्स: रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, एरर स्पॉटिंग, पैरा जंबल्स
जनरल अवेयरनेस
- कठिनाई स्तर: मध्यम
- फोकस एरिया: बैंकिंग अवेयरनेस, पिछले 6 महीनों की करेंट अफेयर्स
IBPS PO मेन्स में अच्छा स्कोर और सुरक्षित स्कोर
- अच्छा स्कोर: 90+
- सुरक्षित स्कोर: 95+ (जनरल श्रेणी)
जो उम्मीदवार सुरक्षित स्कोर से ऊपर अंक प्राप्त करते हैं, उनके इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट होने की संभावना काफी अधिक होती है।
अंतिम चयन में कट ऑफ का महत्व
IBPS PO अंतिम चयन निम्नलिखित आधार पर होता है:
- मेन्स परीक्षा स्कोर (80% वेटेज)
- इंटरव्यू स्कोर (20% वेटेज)
कट ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करना फाइनल मेरिट रैंक को बेहतर बनाता है।
मेन्स परीक्षा के बाद तैयारी के सुझाव
रिजल्ट का इंतजार करते समय उम्मीदवारों को चाहिए कि वे:
- बैंकिंग और HR इंटरव्यू प्रश्नों की तैयारी शुरू करें
- करेंट अफेयर्स और बैंकिंग कॉन्सेप्ट्स की दोहराई करें
- कम्युनिकेशन स्किल और आत्मविश्वास बढ़ाएं
FAQs: IBPS PO मेन्स परीक्षा अपेक्षित कट ऑफ
IBPS आमतौर पर मेन्स परीक्षा परिणाम के साथ या उसके बाद आधिकारिक कट ऑफ जारी करता है।
वर्तमान में IBPS मुख्य रूप से ओवरऑल कट ऑफ पर ध्यान देता है, हालांकि सेक्शनल प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहता है।
नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के कारण थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन निष्पक्षता पूरी तरह बनाए रखी जाती है।
जनरल श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 95+ स्कोर सुरक्षित माना जाता है।
हां, इंटरव्यू का 20% वेटेज अंतिम मेरिट सूची में शामिल होता है।
अंतिम शब्द
IBPS PO मेन्स परीक्षा अपेक्षित कट ऑफ उम्मीदवारों को अपनी स्थिति समझने और अगले चरण की तैयारी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि अपेक्षित कट ऑफ मार्गदर्शन देता है, फिर भी उम्मीदवारों को हमेशा न्यूनतम कट ऑफ से काफी अधिक स्कोर करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
बैंकिंग परीक्षाओं में सफलता एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं। निरंतर मेहनत, सही रणनीति और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है।
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