भारत कई उल्लेखनीय इंजीनियरिंग चमत्कारों का घर है, और उनमें से सबसे प्रभावशाली में से एक है हिराकुड बाँध (hirakud dam in hindi)। अपनी असाधारण लंबाई और विशाल जलाशय के लिए प्रसिद्ध यह बाँध सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और बिजली उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छात्र, शोधकर्ता और सामान्य पाठक अक्सर हिराकुड बाँध की लंबाई से संबंधित जानकारी खोजते हैं, साथ ही ऐसे प्रश्न भी करते हैं जैसे कि हिराकुड बाँध किस राज्य में स्थित है और हिराकुड बाँध किस नदी पर स्थित है।
यह विस्तृत लेख हिराकुड बाँध के बारे में पूरी और आसानी से समझ में आने वाली जानकारी प्रदान करता है, जिसमें इसकी लंबाई, स्थान, नदी, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, महत्व और रोचक तथ्य शामिल हैं।
हिराकुड बाँध (hirakud dam in hindi) का परिचय
हिराकुड बाँध भारत में स्वतंत्रता के बाद शुरू की गई प्रारंभिक बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है। यह आधुनिक इंजीनियरिंग और राष्ट्रीय विकास का प्रतीक है। बाढ़ को नियंत्रित करने, कृषि को समर्थन देने और बिजली उत्पन्न करने के उद्देश्य से निर्मित यह बाँध आज भी लाखों लोगों को लाभ पहुँचा रहा है।
हिराकुड बाँध को वास्तव में विशिष्ट बनाती है इसकी असाधारण लंबाई, जो इसे दुनिया के सबसे लंबे बाँधों में स्थान दिलाती है। इसके आकार के अलावा, इस बाँध का भौगोलिक, आर्थिक और शैक्षिक महत्व भी अत्यधिक है।
हिराकुड बाँध की लंबाई
इस संरचना के बारे में सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक इसके आकार से संबंधित है।
हिराकुड बाँध (hirakud dam in hindi) की कुल लंबाई
हिराकुड बाँध की लंबाई लगभग 25.8 किलोमीटर है, जो इसे भारत का सबसे लंबा मिट्टी का बाँध और दुनिया के सबसे लंबे बाँधों में से एक बनाती है।
- कुल लंबाई: 25.8 किमी
- मुख्य कंक्रीट बाँध की लंबाई: लगभग 4.8 किमी
- मिट्टी के तटबंध: दोनों ओर पहाड़ियों और मैदानों तक फैले हुए
लंबे मिट्टी के हिस्से बाँध को अत्यधिक मात्रा में पानी संचित करने की अनुमति देते हैं, जिससे एक विशाल जलाशय बनता है जो कई जिलों तक फैला हुआ है।
हिराकुड बाँध किस राज्य में स्थित है?
एक और सामान्य प्रश्न है: हिराकुड बाँध (hirakud dam in hindi) किस राज्य में स्थित है?
हिराकुड बाँध का स्थान
हिराकुड बाँध भारत के पूर्वी भाग में स्थित राज्य ओडिशा में है। यह पश्चिमी ओडिशा में स्थित संबलपुर शहर के पास स्थित है।
- राज्य: ओडिशा
- जिला: संबलपुर
- क्षेत्र: पश्चिमी ओडिशा
महानदी नदी घाटी में बार-बार आने वाली बाढ़ और क्षेत्र की कृषि क्षमता को ध्यान में रखते हुए बाँध का स्थान रणनीतिक रूप से चुना गया था।
हिराकुड बाँध किस नदी पर स्थित है?
बाँध से जुड़ी नदी को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
हिराकुड बाँध जिस नदी पर बना है
हिराकुड बाँध किस नदी पर स्थित है—इसका उत्तर है महानदी नदी।
महानदी पूर्वी भारत की प्रमुख नदियों में से एक है और ऐतिहासिक रूप से ओडिशा में विनाशकारी बाढ़ का कारण रही है। हिराकुड बाँध का निर्माण इसके प्रवाह को नियंत्रित करने और इसके जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए किया गया था।
हिराकुड बाँध (hirakud dam in hindi) का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हिराकुड बाँध के निर्माण का विचार भारत की स्वतंत्रता से बहुत पहले प्रस्तावित किया गया था।
प्रारंभिक योजना
- यह अवधारणा पहली बार 1946 में सुझाई गई थी
- बाढ़ नियंत्रण और कृषि को बढ़ावा देने की आवश्यकता से प्रेरित
निर्माण कालक्रम
- निर्माण प्रारंभ: 1948
- पूर्ण होने का वर्ष: 1957
- उद्घाटन: जवाहरलाल नेहरू द्वारा
पंडित नेहरू ने हिराकुड जैसे बाँधों को “आधुनिक भारत के मंदिर” कहा था, जो राष्ट्रीय विकास में इनके महत्व को दर्शाता है।
हिराकुड बाँध की संरचना और डिज़ाइन
हिराकुड बाँध एक सतत कंक्रीट दीवार नहीं है। इसके बजाय, यह विभिन्न संरचनाओं का संयोजन है।
प्रमुख संरचनात्मक विशेषताएँ
- कंक्रीट बाँध का भाग
- दोनों ओर मिट्टी के तटबंध
- कई फाटकों वाले स्पिलवे
- दो अवलोकन टावर: गांधी मीनार और नेहरू मीनार
यह अनूठा डिज़ाइन बड़े क्षेत्र को कवर करते हुए जल दबाव को समान रूप से वितरित करने में मदद करता है।
जलाशय की क्षमता और विस्तार क्षेत्र
हिराकुड बाँध एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में से एक का निर्माण करता है।
जलाशय विवरण
- भंडारण क्षमता: 5,800 मिलियन घन मीटर से अधिक
- जलाशय क्षेत्रफल: लगभग 743 वर्ग किलोमीटर
- जलग्रहण क्षेत्र: ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ
यह जलाशय पूरे क्षेत्र में सिंचाई और जल आपूर्ति का समर्थन करता है।
हिराकुड बाँध का महत्व
बाढ़ नियंत्रण
बाँध के निर्माण से पहले महानदी नदी से आने वाली बाढ़ व्यापक विनाश करती थी। हिराकुड बाँध (hirakud dam in hindi) बाढ़ की तीव्रता को काफी हद तक कम करता है और निचले क्षेत्रों की रक्षा करता है।
सिंचाई सहायता
यह बाँध लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई करता है, जिससे किसानों को धान, दालें और तिलहन जैसी फसलें उगाने में मदद मिलती है।
जलविद्युत ऊर्जा उत्पादन
हिराकुड बाँध जलविद्युत ऊर्जा का उत्पादन करता है और ओडिशा व पड़ोसी राज्यों के कई हिस्सों को बिजली प्रदान करता है।
पेयजल आपूर्ति
यह जलाशय संबलपुर सहित आसपास के शहरों और कस्बों को पेयजल उपलब्ध कराता है।
शैक्षिक और आर्थिक महत्व
छात्रों और शिक्षकों के लिए हिराकुड बाँध निम्नलिखित क्षेत्रों में एक उत्कृष्ट अध्ययन उदाहरण है:
- सिविल इंजीनियरिंग
- भूगोल
- पर्यावरण अध्ययन
- भारतीय आर्थिक विकास
आर्थिक रूप से, यह बाँध कृषि, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को समर्थन देता है।
हिराकुड बाँध पर पर्यटन
हिराकुड बाँध एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है।
पर्यटन आकर्षण
- गांधी मीनार (पैनोरमिक दृश्य)
- नेहरू मीनार
- सुंदर जलाशय दृश्य
- सूर्यास्त देखने के स्थान
पर्यटन बाँध के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाता है।
पर्यावरणीय प्रभाव
अन्य बड़े बाँधों की तरह, हिराकुड बाँध के भी लाभ और चुनौतियाँ दोनों हैं।
सकारात्मक प्रभाव
- जल संरक्षण
- बाढ़ से होने वाले नुकसान में कमी
- कृषि उत्पादकता में वृद्धि
चुनौतियाँ
- निर्माण के दौरान गाँवों का जलमग्न होना
- नदी प्रवाह में पारिस्थितिक परिवर्तन
- सतत जल प्रबंधन की आवश्यकता
विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखने के प्रयास लगातार जारी हैं।
हिराकुड बाँध के बारे में रोचक तथ्य
- यह भारत का सबसे लंबा मिट्टी का बाँध है
- स्वतंत्रता के बाद की पहली प्रमुख नदी घाटी परियोजनाओं में से एक
- मानसून के दौरान जलाशय अंतरिक्ष से दिखाई देता है
- ओडिशा की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
हिराकुड बाँध (hirakud dam in hindi) की कुल लंबाई लगभग 25.8 किलोमीटर है, जो इसे भारत का सबसे लंबा मिट्टी का बाँध बनाती है।
हिराकुड बाँध ओडिशा राज्य में, संबलपुर शहर के पास स्थित है।
हिराकुड बाँध महानदी नदी पर बना है, जो पूर्वी भारत की प्रमुख नदियों में से एक है।
यह बाँध बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, जलविद्युत ऊर्जा उत्पादन और जल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।
हिराकुड बाँध 1957 में पूरा हुआ था और इसका उद्घाटन जवाहरलाल नेहरू ने किया था।
निष्कर्ष
हिराकुड बाँध की लंबाई, ओडिशा में इसका रणनीतिक स्थान और महानदी नदी पर इसका निर्माण इसे भारत की सबसे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक बनाता है। यह केवल एक बाँध नहीं है, बल्कि प्रगति, योजना और प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग का प्रतीक है।
हिराकुड बाँध (hirakud dam in hindi) किस राज्य में स्थित है और हिराकुड बाँध किस नदी पर स्थित है जैसे प्रश्नों के उत्तर समझने से शिक्षार्थियों को इसके भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व को समझने में मदद मिलती है। पूरा होने के दशकों बाद भी, हिराकुड बाँध कृषि को समर्थन देने, बाढ़ नियंत्रित करने, बिजली उत्पन्न करने और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का कार्य निरंतर कर रहा है।
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